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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को साधारण मत समझिए, ये व्यक्ति संविधान और क़ानून का इतने बड़े जानकार है कि 10 सीजेआई इसके सामने पानी माँगें...ब्लॉग अर्जुन सिंह(एडवोकेट)

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Blog 50... जगदीप धनखड़ को साधारण मत समझिए, ये व्यक्ति संविधान और क़ानून का इतना बड़ा जानकर है कि 10 CJI इसके सामने पानी माँगें। पश्चिम बंगाल का राज्यपाल रहते इन्होंने AM-PM की गड़बड़ी के कारण रात के 2 बजे कैबिनेट बैठक का ऐलान कर दिया था। इतनी तनातनी रही ममता बनर्जी से, फिर भी उप-राष्ट्रपति चुनाव में TMC ने विरोधी उम्मीदवार को वोट नहीं दिया। जो व्यक्ति पेरिस स्थित 'इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' का सदस्य रहा हो 3 वर्षों तक, उसे आज न देश में बेवकूफ बना सकते हैं और न विदेश में। बहुत कम लोगों को पता है कि आज से 35 वर्ष पूर्व जब चंद्रशेखर सिंह प्रधानमंत्री बने थे तब उन्होंने जगदीप धनखड़ को संसदीय कार्यमंत्री बनाया था। ऐसे में संसद और सरकार कैसे काम करती है, उनके अधिकार क्या हैं और सीमाएँ क्या हैं - ये जगदीप धनखड़ को बहुत अच्छे से पता है। वो राजस्थान हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे हैं। एक किसान परिवार में जन्मा व्यक्ति आज जब इस पद पर है और सुप्रीम कोर्ट पर इतना बड़ा हमला कर रहा है तो उसके एक-एक शब्द को गंभीरता से लीजिए। सवाल जायज है - जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से करोड़ों के ...

अब मैं वह व्यक्ति नहीं रहा जो पहले हुआ करता था...पढ़े यह लेख,कैसा लगा कमेंट में जवाब जरूर दे। writter अर्जुन 📝

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Blogg 49. अब मैं वह व्यक्ति नहीं रहा जो पहले हुआ करता था। मैंने बहुत कुछ सीखा है, बढ़ा हूं, और समय और अनुभव के द्वारा जिन बदलाओं का मैं हिस्सा बना हूं, वही मेरी पहचान बन गए हैं। अब मुझे खुद को किसी के सामने समझाने की जरूरत नहीं महसूस होती। अगर कोई मेरे बारे में राय रखता है—चाहे वह अच्छी हो या बुरी—तो उसे रखे। मैं अपनी ऊर्जा उन लोगों को साबित करने में बर्बाद नहीं करूंगा जिन्होंने पहले ही अपना फैसला कर लिया है। मैंने उन लोगों से बहस करना छोड़ दिया है जो मेरी ऊर्जा के लायक नहीं हैं। उन्हें बात करने दो। उन्हें अनुमान लगाने दो। मुझे कुछ साबित नहीं करना है। मैं अभी भी उन लोगों की मौजूदगी की कद्र करता हूं जो मेरी जिंदगी में मायने रखते हैं, लेकिन अब मैं किसी से यह नहीं कहता कि रुक जाए। अगर कोई जाने का निर्णय लेता है, तो मैं दरवाजा खुला छोड़ देता हूं। मैं जीवन से जो मिला है, उसकी सराहना करता हूं, और अब मैं उससे अधिक नहीं मांगता जो मेरे लिए लिखा गया है। मैं उन लोगों के लिए हूं जिन्हें मेरी जरूरत है, लेकिन मैं अपनी मौजूदगी को उन जगहों पर नहीं थोपता जहां मुझे नहीं चाहिए। मैं दयालु हूं, लेकिन अब मै...

मिशन 2023 में कोन होगा बीजेपी जिलाध्यक्ष- झालावाड़ बीजेपी को चाहिए मजबूत नेतृत्व-

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मिशन -2023 में कोन होगा बीजेपी जिलाध्यक्ष झालावाड़ बीजेपी को चाहिए मजबूत नेतृत्व #झालावाड़. बीजेपी नेता संजय जैन ताऊ के बीजेपी जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद से नए जिलाध्यक्ष को लेकर कार्यकर्ताओं में इंतजार है।  वही देखा जाए तो चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद जिलों में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्षों की नियुक्तियो का दौर चल गया है। लेकिन झालावाड़ का नया जिलाध्यक्ष कोन होगा। इसको लेकर कयास लगाना शुरू हो चुका है। क्युकी संगठन  को उन चेहरो पर निगाह हे जो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बीजेपी का नेतृत्व कर जिम्मेदारी उठा सके।   इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है की झालावाड़ का जिलाध्यक्ष कोई भी बने लेकिन इतना तय हे की इस पद के नाम पर मोहर वसुंधरा राजे व सांसद दुष्यंत सिंह के द्वारा ही लगेगी। वसुंधरा राजे का ग्रह जिला होने के साथ साथ झालावाड़- झालरापाटन निर्वाचन क्षेत्र भी हे। इसलिए स्पष्ट हे की जिलाध्यक्ष वसुंधरा राजे की पसंद का ही बनेगा। लेकिन हम यहां संभावित जिलाध्यक्ष के नामों की बात कर रहे हे तो सबसे पहले नाम आता है पूर्व विधायक कंवरलाल मीण...

मृत्युभोज कुरीति नहीं,समाज और रिश्तों को सँगठित करने के अवसर की परम्परा है - एडवोकेट अर्जुन सिंह गुर्जर

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ब्लॉग - "#मृत्युभोज...!" *मृत्युभोज के विरोध पर बहुत लिखा जा रहा है आजकल, पर मेरा मत जरा अलग है...!!"* मृत्युभोज कुरीति नहीं है. समाज और रिश्तों को सँगठित करने के अवसर की पवित्र परम्परा है, हमारे पूर्वज हमसे ज्यादा ज्ञानी थे।  आज मृत्युभोज का विरोध है, कल विवाह भोज का भी विरोध होगा... हर उस सनातन परंपरा का विरोध होगा जिससे रिश्ते और समाज मजबूत होता है।  इसका विरोध करने वाले ज्ञानियों हमारे बाप दादाओ ने रिश्तों को जिंदा रखने के लिए ये परम्पराएं बनाई हैं। यह सब बंद हो गए तो रिश्तेदारों, सगे समबंधियों, शुभचिंतकों को एक जगह एकत्रित कर मेल जोल का दूसरा माध्यम क्या है... दुख की घड़ी मे भी रिश्तों को कैसे प्रगाढ़ किया जाय ये हमारे पूर्वज अच्छे से जानते थे।  हमारे बाप दादा बहुत समझदार थे, वो ऐसे आयोजन रिश्तों को सहेजने और जिंदा रखने के किए करते थे। हाँ ये सही है की कुछ लोगों ने मृत्युभोज को हेकड़ी और शान शौकत दिखाने का माध्यम बना लिया, आप पूड़ी सब्जी ही खिलाओ।  कौन कहता है की 56 भोग परोसो... कौन कहता है कि 4000-5000 लोगों को ही भोजन कराओ और दम्भ दिखाओ।  मैं खुद दिखावे का व...

संविधान सभा की पहली बैठक के बाद ही देश 2 भागों में हुआ विभाजित..📝 ब्लॉग-.एडवोकेट अर्जुन सिंह चांदना।

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संविधान सभा की पहली बैठक के बाद ही देश 2 भागों में हुआ विभाजित.. ब्लॉग-224..एडवोकेट अर्जुन सिंह चांदना। ब्लॉग--- भारतीय संविधान सभा के लिए जुलाई 1946 में निर्वाचन हुए थे। संविधान सभा की पहली बैठक दिसम्बर 1946 को हुई थी। इसके तत्काल बाद देश दो भागों - भारत और पाकिस्तान में बँट गया था। संविधान सभा भी दो हिस्सो में बँट गई - भारत की संविधान सभा और पाकिस्तान की संविधान सभा। भारतीय संविधान लिखने वाली सभा में 299 सदस्य थे जिसके अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद थे। संविधान सभा ने 26 नवम्बर 1949 में अपना काम पूरा कर लिया और 26 जनवरी 1950 को यह संविधान लागू हुआ। इसी दिन कि याद में हम हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। भारतीय संविधान को पूर्ण रूप से तैयार करने में 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन का समय लगा था। भारतीय संविधान में वर्तमान समय में भी केवल 395 अनुच्छेद, तथा 12 अनुसूचियाँ हैं और ये 25 भागों में विभाजित है। परन्तु इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में विभाजित थे इसमें केवल 8 अनुसूचियाँ थीं। संविधान में सरकार के संसदीय स्‍वरूप की व्‍यवस्‍था ...

गुजरात की तर्ज पर राजस्थान में भी भाजपा उतारेगी नए चेहरे_वर्तमान विधायकों को टिकट कटने की सताने लगी चिंता_युवाओं और प्रोफेशनल चेहरों पर खेल सकती है दाव।_ ब्लॉग अर्जून सिंह चांदना📝

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गुजरात की तर्ज पर राजस्थान में भी भाजपा उतारेगी नए चेहरे। वर्तमान विधायकों को टिकट कटने की सताने लगी चिंता युवाओं और प्रोफेशनल चेहरों पर खेल सकती है दाव। झालावाड़. गुजरात राज्य में वरिष्ठ ओर दागी विधायको के टिकिट कटने के बाद राजस्थान में भी बीजेपी के विधायको की चिंता बढ़ने लग गई है। भाजपा राजस्थान में भी अगले साल(2023)में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जीत की तैयारी में रणनीति बना रही है। गौरतलब है कि इसी अनुरूप अब राजस्थान में विधायको का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर क्षेत्र में उनकी पकड़ का आंकलन किया जा रहा है। संभवतः भाजपा इस बार उम्र दराज विधायको के टिकिट काटकर , युवाओं ओर नए चेहरों पर फोकस कर रही है। इसी के चलते प्रोफेशनल युवाओं को भाजपा से जोड़ने का अभियान भी जारी है। (जिताऊ उम्मीदवारों की सर्च रिपोर्ट तैयारी में ) इस बार भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने पूरी तरह से विधानसभा चुनाव की कवायद शुरू कर दी है। इस बार आलाकमान हर विधानसभा क्षेत्र में जीत हासिल करने वाले चेहरों पर नजर बनाए हुए है। जिसको लेकर सर्वे भी चल रहा है। इसमे कोई अतिश्योक्ति नही है कि गुजरात के जैसे राजस्थान में भी आधे स...

गुर्जर समाज की यह अनोखी परंपरा... दीपावली पर करते है पितरों का श्राद्ध -ब्लॉग अर्जुन चांदना📝

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गुर्जर समाज की यह अनोखी परंपरा... दीपावली पर करते है पितरों का श्राद्ध  ब्लॉग 114. एडवोकेट अर्जुन चांदना भालता(झालावाड़).  प्रकाश का पर्व दीपावली पर्व जहां देश भर में समूचे हिन्दू धर्म के लोग मां भगवती लक्ष्मी की पूजा कर धूमधाम से मनाते है। वही भारत मे एक ऐसा भी समाज है, जो दीपावली के दिन श्राद्ध ओर पिंडदान करता है। जी हां बात कर रहे है झालावाड़ जिले के गुर्जर समाज की, जो दीपावली पर पितरों का श्राद्ध करता है। झालावाड़ के गुर्जर बाहुल्य गांवों में समाज के लोग पूर्वजो का श्राद्ध दीपावली के ही दिन करते है। दीपावली के दिन गुर्जर समाज बुजुर्ग, युवा,  बाल बच्चें नदी तालाबों कुएं या जलाशयों पर जाकर सामूहिक रूप से अपने पूर्वजों का तर्पण करते है। जिसे छाट परम्परा के नाम से जाना जाता है। इनके श्राद्ध पक्ष में कोई श्राद्ध नहीं किया जाता है। परम्परा के अनुसार अमावस्या के दिन से 2 दिन पहले घरों में बड़े बूडे़ आ जाते है। और वहीं दो दिन तक अपने पूर्वजों की याद में  पूजा अर्चना की जाती है। एक तरह से उस दिन घरों मे मातम जैसा माहौल रहता है। घरों में महिलाओं द्वारा चक्की(आटा पी...

जिस पांच साल के बच्चे के सामने उसकी मां को जला दिया गया था, आज वह देश की सबसे पुरानी पार्टी कॉंग्रेस का अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे।

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जिस पांच साल के बच्चे के सामने उसकी मां को जला दिया गया था, आज वह देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष बन गया है।  Blogg.133. आजादी के पहले कर्नाटक में निजाम की हुकूमत थी। बंटवारे के बाद उनके गांव वरवट्टी में भी हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़क गए। गांव पर निजाम की सेना ने हमला कर दिया। इस सेना के साथ लुटारी यानी लूटने वाले भी थे। उन्होंने पूरे गांव में आग लगा दी। इस गांव के एक घर में एक पांच साल के बच्चे के सामने उसकी मां को जला दिया गया। बच्चा देखता रह गया था।  बच्चे के पिता उसे बचाकर गांव से दूर लेकर चले गए। तीन महीने जंगल में रहे। बाद में मजदूरी करके अपने बच्चे को पाला पोसा। सबसे तारीफ की बात ये रही है पिता ने बच्चे को काम में लगाने की बजाय पढ़ाया। बच्चा बड़ा होकर अपने जिले का पहला दलित वकील बना। फिर यूनियन लीडर, फिर विधायक, कर्नाटक सरकार में मंत्री, फिर सांसद, केंद्रीय सरकार में मंत्री और अब कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष। ये हैं मल्लिकार्जुन खड़गे। उनका जीवन काफी मार्मिक और प्रेरक है।  आजादी के बाद महात्मा गांधी ने इच्छा जताई थी कि कांग्रेस का अध्यक्ष कोई दलित हो। हा...

संघ में भारतीयत्व के उदय की शुरुआत...अर्जुन चांदना

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भारतीयत्व के उदय की शुरुआत...अर्जुन चांदना।📝 विजयदशमी कई कारणों से मनाई जाती है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान रामचंद्र ने रावण का वध किया था और विजय प्राप्त की थी। पर्यावरण की दृष्टी से, विजयादशमी नई फसल के मौसम की शुरुआत भी दर्शाता है। लोग भरपूर फसल, शांति और समृद्धि के लिए धरती माता का आशीर्वाद चाहते हैं। यह विजय और वीरता का पर्व है। पिछली शताब्दी में, “भारतवर्ष” के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक डॉक्टर केशव हेडगेवार जी द्वारा आरएसएस की स्थापना थी।  आरएसएस की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी। वीर सावरकर भगवान श्री राम और श्री कृष्ण के लिए बहुत सम्मान रखते थे। वह कहते थे कि दोनों सेना प्रमुख और देश के सर्वोच्च नेता थे। उन्होंने 1909 में लंदन में विजय-दशमी मनाई। रामचंद्र के काम के बारे में उन्होंने कहा, “जब प्रभु श्री राम ने अपने पिता के वचन का पालन करने के लिए अपने राज्य को छोड़ दिया, लेकिन मुख्य रूप से राक्षसों के उन्मूलन करना मकसद था, उन्होंने बहुत अच्छा काम किया।”  जब श्री राम ने लंका पर आक्रमण किया और रावण वध की अपरिहार्य और धर्मी लड़ाई की तैयारी की, तो उनका...

दीपावली पर स्वदेशी अपनाते हुए लोकल ही बने खरीददार" 📝-एडवोकेट अर्जुन चांदना।

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"दीपावली पर स्वदेशी अपनाते हुए लोकल ही बने खरीददार" 📝-एडवोकेट अर्जुन चांदना 'दो साल से कोविड19 के चलते लगे लॉकडाउन के बाद अब त्योहारों में भी रौनक देखने को मिल रही है। भारत मे मनाए जाने वाला देश का सबसे बड़ा महापर्व दीपावली इस बार विशेष उत्साह लिए हुए है। क्योंकि बीते दिन कोरोना के कारण व्यापारी वर्ग के लिए बेहद कष्टप्रद रहे है।  ऐसे में हम यहां अपने ही जिले झालावाड़ की बात कर रहे है।झालावाड़ सहित झालरापाटन, भवानीमण्डी,अकलेरा,खानपुर, मनोहरथाना, डग,पिड़ावा,चौमहला, सुनेल, बकानी,रटलाई भालता, चाहे गांव हो या कस्बे जहा हर छोटे बड़े दुकानदार रहते है।कई साल पहले जो सामान ब्रांड  प्रोडक्ट  बड़े शहरों में मिलता था।आज के समय हर बड़े छोड़े कस्बे ओर गाँवों तक उपलब्ध हो चुका है।कुछ नामचीन ब्रांड भले ही ना मिल रहे पर बीते कुछ दिनों से आज तक ऑनलाईन शॉपिंग का क्रेज भी दिनों दिन बढ़ रहा है।जो कई प्रकार से आकर्षक छूट भी देती है। ऐसे में मेरा आप सभी जिलेवासियों से यही अपील रहेगी कि हम जिस शहर कस्बे या गांव में रहते हो। और यदि आपकी जरूरत की वस्तु यदि वहां के बाजार दुकान पर उपलब्ध है। तो आप उसी दुकान...

इसी अगस्त के महीने में होगी सचिन पायलट की ताजपोशी,गहलोत हों सकते है कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष।

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सचिन पायलट को बनाया जाएगा सीएम ओर गहलोत होंगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष August 10, 2022  सचिन पायलट मुख्यमंत्री ओर गहलोत होंगे काँग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ? राजनीतिक गलियारों मे लगातार जो खबरे चल रही है उनसे यह कयास लगाए जा रहे हैं की राजस्थान मे बहुत जल्दी सत्ता का केंद्र परिवर्तन हो सकता है! जिस तरह से मध्यप्रदेश , बिहार, महाराष्ट्र की राजनीति मे उठापटक हुई है उसे देखकर इस बात को बिल्कुल भी नहीं नकार सकते की राजस्थान मे सत्ता परिवर्तन नहीं होगा!  राजस्थान मे सचिन पायलट ओर अशोक गहलोत दोनों के अलग अलग गुट बने हुए है! पायलट समर्थक नेता एवं कार्यकर्ता काफी समय से आस लगाए बैठे है की पायलट को को मुख्यमंत्री पद की कमान सोपी जाएगी ! राजस्थान मे मुख्यमंत्री ओर मुख्यमंत्री समर्थक मंत्रियों ने पायलट समर्थकों को परेशान करने मे कोई कसर छोड़ी नहीं है, इसलिए जानकारों द्वारा बताया जाता है की अगर सचिन पायलट को समय रहते कमान नहीं सोपी गई तो राजस्थान मे कांग्रेस की सरकार का रिपिट होना मुश्किल ही नामुमकिन है! क्योंकि कांग्रेस आलाकमान की इस अनदेखी के कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओ मे...

पहरावणी में आये कपड़ो का कितने लोगों ने उपयोग किया? बताइये, पढ़े यह लेख- अर्जुन चांदना

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#पहरावणी 👔👖👚👗 कोई बन्धु बतायेगा कि पहरावणी मे आये हुए पेन्ट-शर्ट कितने लोगों ने सिलवा कर पहनी है ??  मुश्किल से पांच प्रतिशत लोगो ने भी नहीं सिलवाई होगी। ऐसे ही इनमें से कितनी साड़ियां महिलायें पहनती है??*  *लेकिन यदि किसी कारणवश किसी रिश्तेदार के यहाँ से कपडे नहीं आये तो हम उसको उलाहना जरूर देंगे। उसकी बुराई जरूर करेंगे। भाईयों क्यों हम इस रूढिवादी परम्परा को ढ़ो रहे हैं??*  *ये कपडे एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते हैं। कभी विचार किया कि इससे फायदा किसको हो रहा है ? सिर्फ दुकानदार को और हम सब बेवकूफ बने हुए हैं। साथ ही यह कपड़ों की भी बर्बादी है।*  *समाज में किसी भी कार्यक्रम मे रिश्तेदारों की तरफ से पहरावणी की जाती है, पहरावणी में बहन बेटी के साथ साथ परिवार के लोगों के लिए भी कपड़े लाये जाते है।* *रिश्तेदारों के लिए लाये गये कपडे ज्यादातर किसी भी काम के नहीं  होते जैसे साड़ी ₹100 से 150 , टॉवेल ₹10 से 20 एवं पेन्ट ₹ 200 से 250 रू के खरीदे गये होते हैं। ये कपड़े सिर्फ जगह रोकने के काम आते हैं एवँ इससे सिर्फ दुकानदारों की कमाई होती है और कपड़ों...

एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस के जरिये एक ही प्लेटफॉर्म प्रचार विभाग करेंगे लाइव एंट्री-

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 ‘‘एकीकृत सडक दुर्घटना डेटाबेस (आईआरएडी एप) के जरिये एक ही प्लेटफार्म पर चार विभाग करेगें लाईव एन्ट्री’’ झालावाड़(राजस्थान) 12 अप्रेल। राज्य में सडक दुर्घटनाओं व उससे होने वाली मृत्यु पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिये नीति निर्माण हेतु आंकडों की ऑनलाईन एन्ट्री कर उनका वैज्ञानिक विश्लेषण एवं रियल टाईम पर्यवेक्षण के लिये सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एनआईसी के सहयोग से और विश्व बैंक से वित्त पोषित आईआरएडी लागू किया जा चूका है। जिसके तहत राजस्थान में पुलिस, परिवहन एवं सडक विभाग के द्वारा सडक दुर्घटनाओं की ऑनलाईन एन्ट्रीयॉ सुचारु रुप से हो रही है।  इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु राज्य के चिकित्सा विभाग के जिला स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय, सीएचसी व पीएचसी प्रभारीयों, नर्सिंग स्टॉफ एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन सभागार में आयोजित किया जा रहा है।  प्रशिक्षण दो दिनों तक आयोजित किया जा रहा है। जिसमें पहले दिन सोमवार को डग, पिडावा व बकानी ब्लॉक मंगलवार को खानुपर, झालरापाटन व मनोहरथा...

अति पिछड़ा वर्ग को पांच प्रतिशत विशेष आरक्षण दिलवाने वाले कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला 81 वर्ष की उम्र में निधन।

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अति पिछड़ा वर्ग को पांच प्रतिशत विशेष आरक्षण दिलवाने वाले कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला 81 वर्ष की उम्र में निधन। एक अप्रैल को करौली के मुंडिया गांव में होगा अंतिम संस्कार। पुत्र विजय बैंसला होंगे उत्तराधिकारी। ======================= 31 मार्च को सुबह #जयपुर के मणिपाल अस्पताल में कर्नल किराड़ी सिंह बैंसला का निधन हो गया। 81 वर्षीय बैंसला ने राजस्थान में गुर्जर सहित पांच अति पिछड़ा वर्ग की जातियों को पांच प्रतिशत विशेष आरक्षण दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुर्जर समुदाय को ओबीसी वर्ग के बजाए अति पिछड़ा मानकर अलग से आरक्षण देने की मांग के लिए कर्नल बैंसला ने सबसे पहले राजस्थान में गुर्जर आंदोलन की शुरुआत की। इसे कर्नल बैंसला का करिश्मा ही कहा जाएगा कि राजस्थान भर के गुर्जर एकजुट हुए और सवाई माधोपुर की रेल पटरियों पर बैठ कर लंबा संघर्ष किया। भाजपा के शासन में कई गुर्जरों की मौत हो जाने के बाद भी कर्नल बैंसला ने अपने आंदोलन को जारी रखा। प्रदेश में सरकार कांग्रेस की हो या भाजपा दोनों ही सरकारों में बैंसला ने अपने आंदोलन को जारी रखा। इसी का परिणाम रहा कि गुर्जर सहित पांच पिछड़ी जातियों ...
अफगानिस्तान जैसे मुस्लिम राष्ट्र की सेना आखिर तालिबानियों से क्यों नहीं लड़ी? तालिबानी तो 75 हजार ही हैं, जबकि अफगानिस्तान की फौज तीन लाख 50 हजार की है। तो क्या मुस्लिम राष्ट्रों ने भी अफगानिस्तान के लोगों को ताबिलान के भरोसे छोड़ दिया है। 1997 में इसी तालिबान ने तब के राष्ट्रपति नजीबुल्लाह को मार कर शव को राष्ट्रपति भवन के सामने ही लटका दिया था, इसलिए मौजूदा राष्ट्रपति अशरफ गनी पहले ही भाग गए। ========== राजधानी काबुल सहित पूरे अफगानिस्तान पर मुस्लिम कट्टरपंथी सोच वाले संगठन तालिबान का कब्जा हो गया है। उम्मीद है कि तालिबान के प्रमुख नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादर अफगानिस्तान के नए राष्ट्रपति बन जाएंगे। अफगानिस्तान पर तालिबान का तब कब्जा हुआ है, जब अमरीका की फौज चली गई। अमेरिकी सेना के अधिकारियों का कहना था कि अब अफगानिस्तान की फौज इतनी समक्ष हो गई है कि तालिबान के लड़कों से लड़ सकती है, लेकिन पूरी दुनिया ने देखा कि तालिबान के सामने अफगानी फौज ने चुपचाप सरेंडर तक कर दिया। तालिबानी लड़ाकों को कहीं भी सेना के साथ संघर्ष नहीं करना पड़ा। सवाल उठता है कि क्या एक मुस्लिम राष्ट्र की सेना इतन...

राजस्थान के युवाओं को नशे में धकेलने की पाकिस्तानी कोशिश..पढ़े यह जानकारी..ब्लॉगर-अर्जुन चांदना

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 राजस्थान के युवाओं को नशे में धकेलने की पाकिस्तानी कोशिश..पढ़े यह जानकारी..ब्लॉगर-अर्जुन चांदना                                 Blog-----राजस्थान के युवा प्रगतिशील सोच और विकास की राजनीति में विश्वास करने वाले हैं। इसके बावजूद पिछले कुछ समय से पश्चिमी राजस्थान के युवा नशे की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जो कि प्रदेश के भविष्य के लिए एक बहुत ही ख़तरनाक संकेत है। राजस्थान में सर्वाधिक हाडौती,मेवात, मारवाड़, व शहरी क्षेत्रों में युवाओ को नशे की लत ज्यादा है। आप में से कई लोग जानते होंगे कि किस तरह पंजाब में नशीले पदार्थों ने सम्पूर्ण रूप से प्रदेश को खोखला कर दिया है। हमें इसके पीछे हमारे पडोसी देश पाकिस्तान की नापाक साजिश को समझना होगा। पाकिस्तान जानता है कि यदि भारत के युवा नशे के जहर में मिल जाएंगे तो देश को अपना समय और अपनी काबिलियत और मेहनत से आगे नहीं ले जा पाएंगे।  राजस्थान की सीमा से लगे गाँवों के जरिये नशीले पदार्थों की तस्करी के द्वारा हमारे देश और खास तौर से उत्तर पश्चिमी क्षेत्र  राजस्थान को क...

पिता वारिया ते लाल चार वारे..एक ऐसा वीर योद्धा जिसने धर्म की खातिर पूरा वंश कुर्बान कर इतिहास बना दिया... जानिए कोन है?-

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 पिता वारिया ते लाल चार वारे..एक ऐसा वीर योद्धा जिसने धर्म की खातिर पूरा वंश कुर्बान कर इतिहास बना दिया... जानिए कोन है?-  ब्लॉग- इन पुत्रं के शीश पर वार दिए सूत चार, चार मुये तो क्या हुआ जीवित कई हजार...जी है यह पंक्तियां दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के लिए ठीक बैठती है। विश्व के एकमात्र ऐसे सिंह योद्धा जिनकी लड़ाई न राज्य की सीमा के लिए थी, न धन के लिए और न ही किसी अन्य लालसा के लिए था ... वो संघर्ष था तो मात्र धर्म की रक्षा हेतु धर्म की रक्षा के लिए आमरण युद्ध ... महाभारत था धर्म युद्ध और अर्जुन से बड़ा धनुर्धारी न पैदा हुआ। लेकिन पुत्र अभिमन्यु वध का समाचार मिलते ही दुःख और क्षोभ से गांडीव फ़िसल गया, पैर काँप गया, दूसरा दृष्टांत अर्जुन के गुरु द्रोण आचार्य अपने पुत्र अश्वत्थामा की मृत्यु के झूठे ख़बर मात्र से धनुष रख के रोने लगे और युद्ध बंद कर दिया .... पुत्र से बिछड़ने मात्र के संताप से देवासुर संग्राम के विजेता चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ भी गिर पड़े और फिर न उठे ...ऐसे में दशमेश गुरु गोविंद सिंह मात्र एक ऐसे देवतुल्य महापुरुष हुए, जिन्होंने अपने चार पुत्रों क...

जानिए चंपत राय कौन हैं,? जिसने अपना संपूर्ण जीवन राम मंदिर के लिए न्योछावर कर दिया

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 जानिए चंपत राय कौन हैं,? जिसने अपना संपूर्ण जीवन राम मंदिर के लिए  न्योछावर कर दिया..  ब्लॉग--- राम मंदिर के लिए जमीन को खरीदने के चलते इस समय चंपत राय सुर्खियों में बनी हुई वहीं आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने जमीन खरीद को लेकर हाल ही में बयान दिया! जिसको लेकर विश्व हिंदू परिषद के नेता चंपत राय ने स्पष्टीकरण दिया और श्रद्धालुओं को राजनीति से प्रेरित बयानों पर भरोसा नहीं करने के लिए कहा है! क्या आपको मालूम है राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपना पूरा जीवन इसी मंदिर के लिए संघर्ष करते हुए खपा दिया है? प्रभु श्री राम के मंदिर के निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय का एक अहम किरदार हैं! मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित है नगीना कस्बे के सरायमीर मोहल्ले के निवासी चंपत राय के पिता का नाम रामेश्वर प्रसाद बंसल और माताजी का नाम सावित्री देवी था! नवंबर 18 साल 1946 में जन्मे चंपत राय की उम्र 75 वर्ष से भी ज्यादा है उनके पिता भी अपने शुरुआती दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए हैं! वहीं दूसरी और चंपत राय...

रूप बदल बदल कर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे वामपंथी..

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 रूप बदल बदल कर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे वामपंथी..  वामपंथ अर्थात कम्युनिष्ट(left)  दुनिया भर से समाप्ति के कगार पर है, और वर्तमान में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। भारत में कभी अपनी जड़ें जमा चुकी वामपंथी विचारधारा ने लोगों का विकास नहीं होने दिया और इसलिए 2014 में देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद से वामपंथी लगातार अपना रूप बदलकर देश विरोधी शक्तियों को बहकाने में लगे हुए हैं। शायद, इसलिए उनको आंदोलनजीवी का नाम दिया गया है। आंदोलनजीवी इसलिए क्योंकि एक आंदोलन में असफलता हाथ लगती है तो रूप बदलकर वे दूसरे आंदोलन में जुट जाते हैं। वामपंथ की विचारधारा में हिन्दुओं की चिंता करने वाले  संगठनों को ‘दक्षिणपंथी’ कहा जाता है। यहां की हिन्दू-चिंताएं अमेरिका या अफ़्रीका के मूल निवासियों की चिंताओं से अलग नहीं हैं। पश्चिमी सांस्कृतिक, व्यापारिक, धार्मिक दबावों के विरुद्ध हिन्दुओं का विरोध उसी तरह का है, जो अमेरिका में रेड-इंडियन या ऑस्ट्रेलिया में एबोरिजनल समुदायों का है। पश्चिमी देशों के वामपंथी अमेरिका और अफ़्रीका के मूल निवास...

27 वर्षीय William James अपने करोड़ो का व्यापार छोड़कर एक हिन्दू सन्यासी बन गये

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 27 वर्षीय William James अपने करोड़ो का व्यापार छोड़कर एक हिन्दू सन्यासी बन गये। Williams ने भगवद् गीता के कुछ श्लोक अनजाने में हीं इन्टरनेट पर पढ़े और उसके बाद वे हिंदुत्व के प्रति इतना आकर्षित हुए कि उन्होंने अपने करोड़ो का व्यापार त्याग दिया। और यहाँ हम भगवद् गीता का महत्व जानते हुए भी उसको नहीं पढ़ रहे हैं। अब भी समय है श्रीमदभगवदगीता को खुद भी पढ़ें और बच्चों को भी पढ़ाएं। विश्वास रखिये जीवन मे सब कुछ अच्छा होने लगेगा।भगवद् गीता मात्र श्लोकों का संग्रह नहीं, अपितु जीवन जीने की कला एवं उद्देश्य है। संपूर्ण ब्रम्हाण्ड का सार है यह।भगवान श्रीकृष्ण ने आत्मा की तृप्ति का मार्ग दिया है। इससे अछूता इंसान नदी के किनारे बैठकर भी प्यासा रह जाने वाली कहावत को चरितार्थ करता है। ADV. ARJUN CHANDNA BLOGGER (दिनांक)Website- www.advarjunschandna.in Facebook Page- www.facebook.com/adv arjun chandna Follow me on Twitter- https://twitter.com/arjunSChandna1 Blog- arjunsinghchandna.blogspot.com To Contact- 9461788594 To Add in WhatsApp Group- 9462020994 Email- arjuns.jlwr99@gmail.com